वफ़ादार कुत्ता भैरव

राम के घर लौटने की राह देखते वफ़ादार कुत्ते की कल्पना से लिखी कहानी।

उम्र 3-4

अयोध्या के बड़े द्वार पर भैरव नाम का एक कुत्ता रहता था। उसके भूरे और सफ़ेद बाल थे, और मुलायम लटकते कान। भैरव का अपना कोई घर नहीं था। पर हर शाम वह द्वार के पास बैठकर सड़क देखता रहता। मानो वह कह रहा हो, "यह द्वार ही मेरा घर है, और यह नगर मेरा परिवार!"

एक दिन पूरा नगर बहुत व्यस्त था। "हम राम के घर लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं," सब कह रहे थे। लोग फूल और दीये लेकर इधर-उधर दौड़ रहे थे। भैरव पूँछ हिलाता हुआ उनके साथ-साथ दौड़ता रहा। किसी के पास उसे सहलाने का समय नहीं था। पर भैरव को बुरा नहीं लगा। वह भी ख़ुश था।

सूरज ढलते ही लोग घर चले गए। वे मिठाइयाँ बनाने और नए कपड़े पहनने लगे। सड़क पर सन्नाटा छा गया। रात अँधेरी थी और आसमान में चाँद भी नहीं था। पर भैरव सोया नहीं। वह कान खड़े करके द्वार पर बैठा रहा, और अँधेरी सड़क को देखता रहा।

अँधेरे में एक छोटा मेमना अपने झुंड से भटक गया। "मैं-मैं," वह पुकारा। भैरव ने उसकी आवाज़ सुनी। वह दौड़ा और उसने नन्हे मेमने को ढूँढ निकाला। फिर दीयों से जगमगाते रास्ते पर वह धीरे-धीरे उसे वापस ले आया। इसके बाद वह द्वार पर बैठकर फिर पहरा देने लगा।

सुबह होने से पहले भैरव के कान खड़े हुए। क़दमों की आहट! "भौं! भौं!" वह भौंका। उसने इतनी ज़ोर से पूँछ हिलाई कि उसका पूरा शरीर मटकने लगा। बच्चे फूल लेकर द्वार पर आए। उन्होंने कहा, "हम तो राम की राह देख रहे थे। तुमने द्वार की रखवाली की! धन्यवाद, वफ़ादार दोस्त।" राम अभी घर नहीं लौटे थे। भैरव रास्ते की ओर देखता रहा।

बच्चों ने भैरव के गले में गेंदे की माला पहनाई। उसके माथे पर छोटा लाल टीका लगाया और स्वादिष्ट खाना दिया। भैरव का यह किस्सा कल्पना से लिखा गया है। नेपाल में कुकुर तिहार पर परिवार कुत्तों को माला, टीका और भोजन देते हैं। यह इन वफ़ादार दोस्तों को धन्यवाद कहने का दिन है।

सच्चा दोस्त सबसे लंबी रात में भी तुम्हारे पास रहता है।

इस कहानी के बारे में

बालकथा की मौलिक कहानी।

rama उम्र 3-4

बंदना

श्री राम जय राम जय जय राम
sri ram jai ram jai jai ram

EnglishVictory to Rama, victory, victory to Rama!

नेपालीरामको जय होस्, जय, रामकै जय!

हिन्दीराम की जय, जय, राम की ही जय!

श्लोक

श्रीराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥
śrīrāma rāma rāmeti rame rāme manorame, sahasranāma tattulyaṃ rāmanāma varānane
राम, राम, राम — कहते जाने से मन शांत और प्रसन्न होता है। एक ही नाम, पर हज़ार नामों जितना समेटे हुए।
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