आज रात कौन जाग रहा है?

चाँदनी पूर्णिमा की रात को, देवी लक्ष्मी यह देखने के लिए आसमान में सैर करती हैं कि कौन जाग रहा है। एक प्यारा परिवार सीखता है कि प्यार से साथ मिलकर इंतज़ार करने से सबसे मीठा आशीर्वाद मिलता है।

उम्र 5-7

रात का आसमान अँधेरा था, लेकिन चाँदी जैसा पूरा चाँद एक बड़े चमकते हुए दीये की तरह जगमगा रहा था। देवी लक्ष्मी अपने मित्र, एक प्यारे सफ़ेद उल्लू की पीठ पर बैठकर शांत हवा में धीरे-धीरे उड़ रही थीं। उन्होंने नीचे की शांत दुनिया की ओर देखा, जहाँ अँधेरे में छोटे-छोटे दीये जगमगा रहे थे। उन्होंने एक प्यारी सी मुस्कान के साथ सोचा, इस तारों भरी रात का स्वागत करने के लिए कौन जाग रहा है?

एक प्यारे से आँगन में, तारा नाम की एक छोटी लड़की अपनी दादी और भाई के साथ बैठी थी। वे चाँदनी रात के नीचे गरम और मीठी खीर चला रहे थे। भले ही बहुत देर हो चुकी थी, लेकिन कोई भी चिड़चिड़ा या थका हुआ नहीं था। वे सब हँस रहे थे और सब्र के साथ इंतज़ार कर रहे थे कि चाँद की ख़ास किरणें उनकी मीठी खीर को छुएँ।

पूरे गाँव में छोटे-छोटे पक्षी अपने गरम घोंसलों में सो रहे थे। भूरे रंग का एक रोएँदार कुत्ता द्वार के पास गोल-मटोल होकर सो रहा था और धीरे-धीरे खर्राटे ले रहा था। लेकिन तारा का परिवार एक-दूसरे के पास बैठा था, तारों की मज़ेदार कहानियाँ सुना रहा था और ख़ुशी के गीत गा रहा था। जब वे साथ थे, तो इंतज़ार करना बहुत आसान लग रहा था।

देवी लक्ष्मी धीरे से उड़कर छत के और पास आईं। उन्होंने उनकी हल्की हँसी सुनी और उनके आपसी प्यार की गरमाहट महसूस की। रात की मंद हवा जैसी कोमल आवाज़ में उन्होंने फुसफुसाया, "आज रात कौन जाग रहा है?" तारा ने टिमटिमाते आसमान की ओर देखा और ठंडी हवा में एक जादू सा महसूस किया।

देवी लक्ष्मी प्यार से मुस्कुराईं और उन्होंने सुनहरी रोशनी और कोमल फूलों की पंखुड़ियों से उनके घर को आशीर्वाद दिया। उन्हें ऐसे परिवार को देखकर बहुत ख़ुशी हुई जो धैर्यवान, दयालु और साथ में ख़ुश था। तारा ने गरम खीर का एक मीठा चम्मच खाया और जाना कि सबसे प्यारा आशीर्वाद तब मिलता है जब हम अपने प्रियजनों के साथ प्यार भरे पल बिताते हैं।

जब हम सब्र से इंतज़ार करते हैं और अपनों के साथ प्यार भरे पल बिताते हैं, तो बड़ी ख़ुशी मिलती है।

इस कहानी के बारे में

स्रोतः: शरद पूर्णिमा की पारंपरिक लोक कथाओं पर आधारित

lakshmi उम्र 5-7

बंदना

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमो नमः
om shreem mahalakshmyai namo namah

EnglishO Mahalakshmi, goddess of fortune and light — we bow to you again and again.

नेपालीहे महालक्ष्मी — हामी तपाईंलाई बारम्बार नमस्कार गर्छौं।

हिन्दीहे महालक्ष्मी — हम आपको बार-बार नमस्कार करते हैं।

श्लोक

महालक्ष्मि नमस्तुभ्यं महालक्ष्मि नमो नमः । शरण्ये करुणामूर्ते नमस्ते भक्तवत्सले ॥
mahālakṣmi namastubhyaṃ mahālakṣmi namo namaḥ, śaraṇye karuṇāmūrte namaste bhaktavatsale
महालक्ष्मी, आपको नमस्कार; महालक्ष्मी, बार-बार नमस्कार। शरण देने वाली, करुणा की ही मूर्त रूप, भक्तों पर स्नेह रखने वाली — आपको नमस्कार।
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