शबरी का सबसे मीठा उपहार

घने जंगल के बीच, दयालु शबरी बहुत सब्र के साथ राजकुमार राम का इंतज़ार करती है। आइए जानें, कैसे सच्चे प्रेम से दिए गए छोटे-छोटे फल दुनिया का सबसे मीठा उपहार बन जाते हैं।

उम्र 5-7

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एक शांत और हरे-भरे जंगल में शबरी नाम की एक प्यारी और बूढ़ी माई रहती थी। हर सुबह, वह अपनी छोटी-सी कुटिया के रास्तों को झाड़कर साफ़ करती और चारों ओर सुंदर-सुंदर फूल बिछाती। शबरी के दिल में यह पक्का विश्वास था कि एक दिन कृपालु राजकुमार राम उससे मिलने ज़रूर आएँगे।

शबरी श्री राम को जंगल का सबसे मीठा स्वाद चखाना चाहती थी। वह धीरे-धीरे एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक जाती और गोल-मटोल, रसीले बेर चुनती। स्वागत के प्यारे-प्यारे गीत गाते हुए, उसने अपनी लकड़ी की छोटी-सी कटोरी बेरों से भर ली।

अचानक, पूरा जंगल सुनहरी रोशनी से जगमगा उठा! राजकुमार राम मुस्कुराते हुए रास्ते से चले आ रहे थे, उनकी मुस्कान सुबह की धूप जैसी कोमल थी। अपने प्यारे प्रभु को आया देख, शबरी की आँखों से ख़ुशी के आँसू छलक पड़े और उसने बड़ी आत्मीयता से उनका स्वागत किया।

कोई भी फल खट्टा न निकल जाए, इसलिए शबरी हर बेर को राम जी को देने से पहले ज़रा-सा चख लेती। वह केवल सबसे मीठे बेर ही अपने राम को देना चाहती थी! श्री राम ने स्नेह से मुस्कुराते हुए शबरी के पावन प्रेम को महसूस किया और बड़े प्यार से एक-एक बेर खाया।

राम जी ने शबरी से कहा कि इन छोटे-छोटे बेरों का स्वाद सोने के महल के किसी भी बड़े शाही भोज से कहीं ज़्यादा मीठा है। उन्होंने शबरी की भक्ति को दुनिया के सब ख़ज़ानों से अनमोल माना। शबरी का हृदय आनंद से भर गया, क्योंकि वह समझ गई थी कि सच्चा प्रेम ही सबसे बड़ा उपहार है।

सबसे बड़ा उपहार वह नहीं जो बहुत महँगा हो, बल्कि वह है जो सच्चे प्रेम और भक्ति के साथ दिया जाए।

इस कहानी के बारे में

स्रोतः: रामायण की एक सुंदर कथा

rama उम्र 5-7

बंदना

श्री राम जय राम जय जय राम
sri ram jai ram jai jai ram

EnglishVictory to Rama, victory, victory to Rama!

नेपालीरामको जय होस्, जय, रामकै जय!

हिन्दीराम की जय, जय, राम की ही जय!

श्लोक

श्रीराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥
śrīrāma rāma rāmeti rame rāme manorame, sahasranāma tattulyaṃ rāmanāma varānane
राम, राम, राम — कहते जाने से मन शांत और प्रसन्न होता है। एक ही नाम, पर हज़ार नामों जितना समेटे हुए।